//Kise Pata? / Who Knows?

Kise Pata? / Who Knows?

Poems by Sridhar Potlacheruvoo

कहीं नहीं जाना है
यहीं पे जीना है
यहीं पे मरना है
मरने के बाद किसे पता

अनजान पर नहीं
देखि पर करें यकीन
जी जान से जियें
मरने के बाद किसे पता

जन्नत है तो अभी जाओ
यहां भगदड़ मत मचाओ
कोई वापस नहीं आया, याद रखो
मरने के बाद किसे पता

हर एक सांस
चिराग पर फूँक है
जो है वो अभी है
मरने के बाद किसे पता

ज़िंदा कुछ कर नहीं पाए
तो मुर्दा क्या करोगे
जो करना है अभी करो
मरने के बाद किसे पता

बताकर आता नहीं
आने के बाद क्या बताना
हर लम्हा जियो
मरने के बाद किसे पता 

Time is given for free
With an expiry date
“Best before 1 second”
You have to use it
Or you will lose it.

Words: Sridhar

Image: Kabeer

Sketch: Neha